दीदी ने मेरा लोडा लिया



loading...

दोस्तों मैं एक बहुत अच्छी फॅमिली से बेलोंग करता हु और ग्वालियर मध्यप्रदेश से हु. अगर कोई भी भाभी और गर्ल मुझसे अपना गम शेयर करना चाहे, तो आई ऍम ऑलवेज रेडी. नो कम टू स्टोरी. इस कहानी का आखरी हिस्सा इस जनवरी में पूरा हुआ, पर शुरू २०१४ से ही. मेरा नाम शान है. मैं जहाँ रहता हु, वहीँ पड़ोस में एक लड़की रहती है और मैं उसको दीदी बोलता हु, क्योंकि वो मुझसे ४ साल बड़ी है और शादीशुदा भी है. उनके एक बेटा भी है और वो मुझे मामा कहता है. दीदी पता नहीं, क्यों ज्यादातर ग्वालियर मे ही रहती थी. जबकि उनकी ससुराल वहां से दूर थी. शुरू से ही मैं दीदी काफी बात करते थे. क्योंकि हमने बचपन साथ ही गुजारा था और साथ – साथ हम बड़े हुए थे. शादी के बाद, जब भी वो मायके आती. तो हम खूब सारी बातें करते. कभी – कभी मैं उनको घुमाने ले जाता. मतलन मेरा वक्त उनके साथ अच्छा गुजरता था और ये कहानी तब से बनी, जब उनके मम्मी – पापा तीर्थ यात्रा पर गये.

दीदी अपने घर पर वापस रहने आई. सॉरी मैं आपको दीदी के बारे में बताना तो भूल ही गया. दीदी का नाम राखी है और उनका साइज़ ३४-३०-३६ होगी. अब बात शुरू होती है. जब दीदी उनके घर पर आई, क्योंकि उनके मम्मी पापा को तीर्थ यात्रा पर जाना था. हम लोगो ने बहुत आव – भाव से उनको यात्रा पर विदा किया. उनको लौटने में कम से कम १ महीने लगने वाला था. यहीं से मेरी लाइफ एक नए मोड़ पर चल दी. चाची – चाचा के जाने के बाद, मैं दीदी से रोज़ उनका हालचाल पूछने जाता था, कि उन्हें किसी चीज़ की जरूरत तो नहीं है. हम देर तक बातें करते रहते और एकदिन, मैंने ऐसे ही दीदी से बोल दिया, जीजा जी को बुला लो. आप घर पर अकेले हो, बुरा लगता होगा. दीदी बोली – जीजा जी प्राइवेट जॉब में है और वो छुट्टी नहीं ले सकते. साकेत तो सन्डे को आया करेंगे ना. वो हम से मिलने और एक प्यारी से स्माइल दी और पूछा, कि कल क्या कर रहे हो? मैंने कहा – कॉलेज के बाद फ्री हु. दीदी ने कहा – शान, कल क्या हम लोगो को सनसिटी घुमाने ले जा सकते हो? मेरे घर वाले और दीदी के घर वाले काफी क्लोज थे.

तो दीदी के नाम से मुझे कभी नहीं किया जाता था. अगले दिन, मैं और दीदी सनसिटी घुमने गये. हमने शाम पूरी तरह से मज़ा किया और देर रात तक घर लौटे. बहुत मज़े किये हमने और जब मैं उन्हें घर छोड़कर वापस जाने लगा. तो दीदी बोली – शान, रुक जा. खाना खाकर जाना. मैंने सोचा, चलो खाना खा लेता हु. कही दीदी को बुरा ना लगे और मैंने अपने घर पर बोल दिया. घर वालो ने बोला, ठीक है. मेरा घर और दीदी का घर आपस में जुड़े हुए है, तो घर वालो को कोई चिंता ही नहीं थी. वैसे भी दीदी बहुत टेस्टी खाना बनाती थी, तो मैं उसे कैसे छोड़ सकता था. हम दोनों को खाना खाते हुए, रात के १०:३० बज चुके थे. चुकि घर की चाबी मेरे पास थी. तो घर वालो ने मुझे फ़ोन नहीं किया, पूछने के लिए. खाना खाने के बाद, मैं जाने लगा, तो दीदी बोली – चलो, थोडा छत पर घूम लेते है. फिर चले जाना. हम छत पर घुमने लगे. वहां घूमते हुए, दीदी ने मुझे बताया, कि पता नहीं क्यों, जीजा जी उनको बिलकुल टाइम नहीं देते और फिर घर – घर की कहानी सांस बहुत पुराने खयालो की है.

मेरी सांस मुझे बहुत परेशान करती है वैगरह – वैगरह. १५ मिनट घुमने के बाद, दीदी बोली – शान मेरे सिर में बहुत दर्द हो रहा है, थोडा सिर दबा दे. मैंने कहा – ठीक है. मैंने कहा – आप बैठ जाओ. दीदी बोली – यहाँ नहीं. रूम में चलते है. वहां दबा देना. मैंने कहा – ओके और हम रूम में चले गये. मैं दीदी का सिर दबाने लगा और दीदी बोली फ्रिज से थोड़ी आइस लेकर आ और सिर में लगा दे. सिर बहुत गरम हो रहा है. मैंने वैसा ही कहा और इसके बाद, ना जाने क्यों? मैंने दीदी से बोला, आप के पेरो में लगा तेल. आप को आराम मिलेगा. वो बोली – ठीक है. मैं अलमीरा से तेल ले आया और उनके पेरो की मालिश करने लगा. मैंने जब उनके पेरो पर तेल लगा रहा था, तो अचानक से मुझे उनकी पेंटी दिख गयी. मैंने नज़र दूसरी साइड कर ली. दीदी शायद समझ गयी और बैठ गयी और बोली – अब तुम घर चले जाओ. रात काफी हो चुकी है. मैंने वैसे ही किया. पता नहीं रात भर मुझे दीदी की पेंटी ही दिखाई देती रही. अगले दिन, मैं लेट उठा और १२ नून पर दीदी का कॉल आया, कि क्या कर रहा है? मैंने कहा – कुछ नहीं. तो दीदी बोली – मार्किट तक चलने का मन है? मैं उनके साथ पहले भी कई बार मार्किट गया था. मैंने उनको हाँ बोल दिया.

हम लोग अक्सर कार से जाते थे और मुझे कोई गलत ख्याल भी नहीं आता. पर आज मैं बाइक से था. जब उनके घर के बाहर रुका, तो दीदी बाहर निकल आयी और मेरे पीछे बैठ गयी. मैंने उनको लेकर मार्किट चले गया. मार्किट में रश बहुत था, तो मैं बार – बार ब्रेक लगा रहा था. जैसे ही, मैं ब्रेक लगाता; तो दीदी के बूब्स मेरी पीठ से टच हो जाते और मुझे एक अलग ही दुनिया में ले जाते. दीदी ने मजाक में कहा – आज ही पुरे मज़े ले लोगे क्या? मुझे बहुत शर्म आई. मैं अब कोशिश करने लगा, कि मुझे ब्रेक ही ना मारना पड़े. शोपिंग ख़तम करके हम वापस घर आये. तो दीदी बोली – चल ऊपर चल. चाय पी कर जाना. मैंने कहा – ओके दीदी. दीदी ने मुझे चाय बनाकर दी और अचानक से बोली – रात को क्या हुआ था, तुझे? मुझे तो मानो सांप ने काट लिया हो? मैं चुपचाप हो गया. मुह से कुछ भी नहीं निकला. मैंने कहा – कुछ नहीं दीदी और वहां से जाने लगा. दीदी ने मुझे रोका और मेरा हाथ पकड़ लिया और बोली – बता ना. मैंने कहा – कुछ नहीं दीदी. फिर अचानक से वो बोली – क्या मैं तुझे अच्छी लगती हु? मैंने कहा – बहुत और इतना कहकर मैं वहां से चल दिया. रात को ९ बजे, मैं खाना खाकर सोने जा रहा था.

दीदी का कॉल आया, सो गया क्या? मैंने कहा – नहीं तो? तो वो बोली – छत पर घूम रही हु. ऊपर आ सकते हो? हमारे छत आपस में जुड़े हुए थे. मेरे घर में सब सो चुके थे. मैंने कहा – ओके और मैं अपनी छत से उनकी छत पर चले गया. थोड़ी देर घुमने के बाद, दीदी बोली – कल तूने आइस मालिश और तेल मालिश बहुत अच्छी की थी. आज फिर से कर दोगे क्या? मैंने कहा – जी बिलकुल. मैं उनके रूम में चले गया और आइस ले आया और बैठने लगा. दीदी बोली – आज बेड पर बैठकर आइस मालिश करवानी है. मैंने कहा – ओके और मैं शुरू हो गया. जैसे ही मैंने उनके पेरो में आइस लगानी शुरू की, दीदी ने वही कल वाली हरकत ही और मुझे उनके पेरो के बीच में से उनकी पेंटी पहनने की जगह दिखाई देने लगी. आज उन्होंने पेंटी नहीं पहनी थी. मुझे उनकी शेव चूत दिखाई दे गयी. मेरी अब तो हालत ख़राब होने लगी थी. अब मैं जानबुझकर उनके पेरो पर ही आइस लगा रहा था. दीदी ने तो पहले से सारी तैयारी कर ली थी. वो तो सिर्फ मुझे भांप रही थी और मेरी मर्ज़ी जानना चाहती थी. मेरा लोडा तो मानो, पेंट फाड़ने को तैयार हो चूका था. दीदी बोली – ये क्या कर रहे हो? मुझे एकदम होश आया और मुझे बुरा लगने लगा.

मैं रूम से बाहर जाने लगा, तो दीदी ने मेरा हाथ पकड़ लिया और अपनी ओर खीच लिया और मैं उनके ऊपर जा गिरा और वो मुझसे बोली – मैं भी यही चाहती हु. प्लीज पूरा करके जाओ. मुझे तो अपने कानो पर विश्वास ही नहीं हो रहा था. पर दीदी सामने ही थी और मैंने टाइम वेस्ट नहीं किया और तुरंत उनपर टूट पड़ा. मैंने उनके लिप को किस कर रहा था. मैं उनके होठो को बहुत बुरी तरह से चूस रहा था. करीब ५ मिनट के बाद वो बोली – क्या ये तुम्हारी पहली किस है? मैंने कहा – आप को कैसे पता. तो वो हसने लगी और बोली – वहां भी जोर दिखादोगे, तो हो गया बस तुम्हारा. मैंने कहा – नहीं दीदी. आज की रात आप भूल नहीं पाओगी. मैंने दीदी की नाईटी उतार फेंकी और उसके बाद दीदी के कानो को चूसने लगा. साथ ही साथ मैं उसके बूब्स को भी दबा रहा था. दीदी पागल हो उठी थी और बस बोले जा रही थी – शान, अब डालो अन्दर.. मैंने कहा – दीदी अभी नहीं. मैं दीदी के बूब्स को ढंग से चुसना चाहता था. मैंने उसके बूब्स को मस्त चूसा और उसकी नाभि को भी. फिर, मैंने भी अपने कपडे उतार फेंके. अब हम दोनों ही पूरी तरह से नंगे हो चुके थे. फिर, मैंने दीदी की पूरी बॉडी को चूमना, चुसना और चाटना शुरू किया.

फिर, १५ मिनट बाद दीदी ने मेरा लोडा पकड़ा और चूत में डालने की कोशिश करने लगी. अभी तक उन्होंने मेरा लोडा देखा नहीं था. लेकिन, जैसे ही उन्होंने मेरा लोडा पकड़ा और महसूस किया. तो वो चौककर बोली – यार, ये तो बहुत बड़ा और मोटा है. बड़ी खुश नसीब वाली होगी, मेरी भाभी.. जो इसे रोज़ खाएगी. मैं हंस पड़ा. दीदी अब तक ३ या ४ बार पानी छोड़ चुकि थी. मैंने दीदी की चूत चाटनी शुरू की और पूरी तरह से साफ़ कर दी. अब मैं अपनी जीभ को उनकी चूत के संदर – बाहर कर रहा था. वो पागल हो चुकी थी. वो बोल रही थी, अब अन्दर डाल दो, वरना मैं मर जाउंगी. मैं उन्हें और भी ज्यादा तड़पना चाहता था. सो मैंने थोड़ी देर छुट और चाटी और दीदी पूरी तरह से पागल हो चुकी थी और सच कहू, अब तो मुझसे भी सब्र नहीं हो रहा था. सो मैंने अपने लंड पर थूक लगाया और दीदी की छुट पर रखा और पुश किया. चूत पूरी गीली थी, सो लंड फिसल गया पर दीदी से सब्र नहीं हो रहा था. सो उन्होंने लंड अपने हाथ से पकड़ा और चूत में डालने की कोशिश करने लगी. पर लंड मोटा होने की वजह से जा नहीं पा रहा था. अब मुझे से बिलकुल भी नहीं रहा गया और मैंने एक जोरदार पुश मारा और इस जोरदार शॉट के साथ मेरे लंड का सुपाडा उनकी चूत के अन्दर चले गया.

दीदी की चीख निकल गयी. मैंने कहा – क्या हुआ? वो बोली – कुछ नहीं और मैंने कहा – अंदर डालू या निकाल लू? तो बोली – अब वापस निकाल लिया, तो तुझे मार डालूंगी. मुझे हंसी आ गयी. फिर मैंने एक ही जोरदार झटके में पूरा लोडा उनकी चूत में उतार दिया. दीदी की आँखों से आंसू आ गये. मैं थोड़ी देर रुक गया और उनके बाद, मैंने दीदी के कान को फिर से चूसा और दीदी फिर से पागल होने लगी. मैंने दीदी की छुट में धीरे – धीरे धक्के मारने शुरू किये.

थोड़ी देर बाद, दीदी बोली – तेज करो… फुल स्पीड में.. सो मैंने वैसे ही किया. करीब ३० मिनट की चुदाई के बाद, दीदी २ बार झड़ चुकी थी और मेरा पानी भी आने वाला था. मैंने बोला – दीदी, मैं पूरा होने वाला हु.. बाहर कर लू? कहाँ निकालू?

दीदी ने मुझे कसकर पकड़ लिया और मेरे लिप पर किस कर के बोली – ना मेरी जान, अब कुछ बाहर वेस्ट नहीं करना है. अन्दर ही डाल दे. मैंने अपना सारा कम अन्दर ही डाल दिया. उस रात, मैंने दीदी को २ बार चोदा और सुबह ४ बजे धीरे से अपने रूम में चले गया. इसके बाद तो जब तक चाचा – चाची वापस नहीं आये, मैंने दीदी की प्यासी चूत की मस्त कामुक प्यास को बुझाया. मैं रोज़ रात को सबके सो जाने के बाद, दीदी के घर आ जाता और अलग – अलग चीजों से उनकी मालिश करता और उसके मस्त मस्त तरीको से उनकी चुदाई करता.

दोस्तों, कैसी लगी, आप सबको मेरी ये कहानी? ये मेरी पहली चुदाई थी किसी भी लड़की के साथ. उसके बाद तो मैंने जैसे ठरकी ही बन गया और बहुत सेक्स किया. आप को अपने सारे सेक्स अनुभव के बारे में बताऊंगा.. फिर कभी…



loading...

और कहानिया

loading...


Online porn video at mobile phone


pure pariwar me sirf cudai hi cudai din rat sex story potochudai kahani hindi me.cudai karte foto ke sath.मॉर्निंग भाई भाभी की गांड मारीxxx stori in hindi jungal ma pagal na chodasxe kahanihindi anty k sat sagyristo me chudai sex story didi ki chudai full story part sahit hindi meभाई के साथ चुदाईchhote bhai ko muth marate pakadixxx stori.amter vasna.comदोनों भाई ओर छोटी बहन तीनो ऐक साथ करते थे सेक्स वीडियो डाउन लोडhendi sexy storeyantervasnasexstore.comristo me chudai kahani hindi meबहन को पता है और होटल में ले जाकर च**** कीmahilaon dwara likhi hui sex storypapa ke samne blackmail krke chodaxxxxxxx bahin bahi sax hd imegs sait vido comRikshewale ke sath non veg storyANTARWASHNA MAUSHIxxx page pheli naetचुत कावेरीchut land wala kamakutaxxx sexy story of girl man in hindicollege me bf xxxx ki kahanixxx sex story talabXXX Indian Bur Storysexi vedeo jise dekh kar sex ki aag bujh ja a xxxn vedeosbehan ki naghi chut hindi sexn storyxxx aunti ko moni deke sexhinde grup sex storysix video hindexxx kahanee nawo kahaneedidi ko chudwate dekhaxxx hindi kahani 11 saal ki bahan chodiबारिश में रात को की चुदाई आल हिंदी सेक्स स्टोरीज कामुकता कॉमशादी मे नई बीबी सजु की बुर की चोदई की कहनीववव अंतर्वासना उर्दू कॉमxxx thaubai मा सुधा की चुदाईJija sali ka rista wwwxxxkamwali bai ne chudai karvae सेकस कि कहानिया भाई बहन किTrain me लड़की को चोदा वीडियोsuhagraat vidsh me antervsana hindi.cmSexi girl bhosh desi kahanikahani mayadam ne draibar se chudvayagumane ke bhahane sat ayi bhabhi ko chodaRistome chudeisexstoriबड़ी नाभि वाली आंटी की चुदाई कहानीmom porn video bato me chud gay hindi randix Video SchooI चूतpariwar me chudai ke bhukhe or nange logTeeno ched me land liyaxxx chudai tips hindi holi meda njr xxx hende video munesaचुतमार पापा१२ साल की बहन का दबाय बूबा हिंदी कहानीraj sharma kahanikhandani chudai ka silsila sex kahanirishto chudisexystoria hindikute se chut chudwai2018 ke devar bhabhi ki xxx kaneya hende mexxx dotkom vedo hndi ma bafमेरी बहन ने घोडे के लनड से चोदाई chachi ki saxe khane compap n cho bahan ko Hindihindsexykahaniमंगेतर अंतरवासना -2pariwar me chudai ke bhukhe or nange logमालिश करवाकर चुत चुदाई कहानीयाsasur ne nanad and bahu chodisexxistorihindixxx kahanekhetmechodaikahanijanwar se chudai kahani hindi mexx badepapa sage bhai ne mera rep kiya kamukta khanisex stories mastram dot net com/hindi-font/archivexxx.gali.ki.kahaniबुर लोरा चुच्चीrat me mammi ne mera land chusa antarvasana chudai kahanifacha fach aavaj neval sex story Hindi भांनजी कि चुत मे मामा का लँडgurupsix kahaniचुत मम्मीपापा ने चोदा सोते पेEk hi parivar me samuhik chudai kahani in hindi.combur far store hinde meantereasna anjan jagah cudaaixxx.com padane ke liye hindi meसैकसी चदाइक्सक्सक्स दशे हिन्दू माँ कॉमहिदीसेकसीकहानीबिडीयोबातेकरतेantarvasna hindi sexy kahaniyasasur ne bur chod kar bhosara bana diindan maa bata xxx kahaneहिनदी मे काहनिया बाप बैटी सैकशी